कौशल भारत कुशल भारत योजना
kaushal bhaarat kushal bhaarat yojanaकौशल भारत कुशल भारत योजना देश को Corona संकट से हुए नुकसान से बाहर निकालने के लिए आरंभ किया गया था। अब तक आत्मनिर्भर भारत की 2 फेस लॉन्च हो चुकी है। अब सरकार द्वारा कौशल भारत कुशल भारत योजना की तीसरी फेस लांच की गई है। जिसको कौशल भारत कुशल भारत योजना के नाम से जाना जाएगा। तीसरी फेस के अंतर्गत 12 नई योजनाएं आरंभ की गई है। जिसके माध्यम से देश की इकोनॉमी आगे बढ़ेगी। Aatm Nirbhar Abhiyan के अंतर्गत नौकरी से लेकर व्यवसाय तक सभी क्षेत्रों को कवर किया गया है। कौशल भारत कुशल भारत योजना के अंतर्गत निम्नलिखित योजनाएं लांच की गई है।
कौशल भारत कुशल भारत योजना के बारे में जानकारीयोजना का नाम | kaushal bhaarat kushal bhaarat Abhiyan |
किस ने लांच की | भारत सरकार |
लाभार्थी | भारत के नागरिक |
उद्देश्य | देश की आर्थिक स्थिति में सुधार करना |
साल | 2023 |
- इस योजना के तीन भाग हैं। पहले भाग में उत्तर पूर्वी क्षेत्र आता है। जिसके लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। आसाम को वहां की जनसंख्या तथा भौगौलिक क्षेत्र को देखते हुए 450 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। दूसरे भाग में वह सभी राज्य आते हैं जो पहले भाग में नहीं आते हैं। दूसरे भाग के लिए सरकार द्वारा 7500 करोड रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस योजना के तीसरे भाग के अंतर्गत 2000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
- दूसरे भाग के लिए सरकार द्वारा 7500 करोड रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस योजना के तीसरे भाग के अंतर्गत 2000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
- यह तीसरे भाग की राशि केवल उन्हीं राज्यों को प्रदान की जाएगी जो सरकार द्वारा बताए गए चार सुधारों में से कम से कम तीन सुधार राज्यों में लागू करे। यह चार रिफॉर्म वन नेशन वन राशन कार्ड, इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म, अर्बन लोकल बॉडीज/ यूटिलिटी रिफॉर्म तथा पावर सेक्टर रिफॉर्म है।
जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन था। इस स्थिति में देश के नागरिकों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी। इस आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सरकार द्वारा कौशल भारत कुशल भारत योजना का आरंभ किया गया था। kaushal bhaarat kushal bhaarat के माध्यम से अलग-अलग प्रकार की योजनाएं देश के नागरिकों के लिए आरंभ की गई थी। जिससे कि देश की आर्थिक स्थिति सुधार सकें। कौशल भारत कुशल भारत योजना का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति को सुधारना है जिससे कि देश की इकॉनमी वापस पहले जैसी हो सके।
kaushal bhaarat kushal bhaarat Abhiyan के 5 स्तंब कौशल भारत कुशल भारत योजना निम्नलिखित 5 स्तंभों पर आधारित है।- अर्थव्यवस्था
- अवसंरचना
- प्रौद्योगिकी संचालित प्रणाली
- वाइब्रेंट डेमोग्राफी
- मांग
- कौशल भारत कुशल भारत योजना की घोषणा हमारे देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई है।
- इस योजना को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए आरंभ किया गया है।
- kaushal bhaarat kushal bhaarat yojana में 12 नई घोषणाएं की गई है। जिसके माध्यम से अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा।
- कौशल भारत कुशल भारत योजना को कोरोनावायरस की महामारी के चलते आरंभ किया गया था।
- इस योजना के अंतर्गत सभी क्षेत्रों के विकास के लिए निवेश किया गया है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज | 1,92,800 करोड़ रुपए |
कौशल भारत कुशल भारत योजना 1.0 | 11,02,650 करोड़ रुपए |
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज अन्न योजना | 82,911 करोड़ रुपए |
कौशल भारत कुशल भारत योजना 2.0 | 73,000 करोड़ रुपए |
अर्जुन निर्मल भारत अभियान | 2,65,080 करोड़ रुपए |
RBI Measures | 12,71,200 करोड़ रुपए |
अटोटल | 29,87,641 करोड़ रुपए |
|
kaushal bhaarat kushal bhaarat अभियान के अंतर्गत लांच की गई 12 योजनाएं
कौशल भारत कुशल भारत योजनाइस योजना के अंतर्गत संगठित क्षेत्र में रोजगार देने पर बल दिया जाएगा तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों को कर्मचारी भविष्य निधि से जोड़ा जाएगा। आत्मनिर्भर भारत रोजगार अभियान 30 जून 2021 तक चलाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत केवल वही संस्थाएं लाभ प्राप्त कर सकते हैं जो ईपीएफओ के अंतर्गत रजिस्टर्ड है। यदि कोई संस्था ईपीएफओ के अंतर्गत रजिस्टर्ड नहीं है तो वह योजना का लाभ नहीं उठा सकती। इस योजना के अंतर्गत वह सभी संस्थाएं जिसमें 1000 से कम कर्मचारी हैं कर्मचारी के हिस्से का 12% तथा नौकरी देने वाले का भी 12% कुल मिलाकर 24% केंद्र सरकार योगदान देगी। जिस संस्था में 1000 से ज्यादा कर्मचारी हैं वहां केंद्र सरकार कर्मचारियों के हिस्से का 12% योगदान देगी। यह योजना 2 वर्ष तक जारी रहेगी। इस योजना का पात्र बनने के लिए आपको आधार के साथ इपीएफ अकाउंट खुलवाना होगा।
इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीमइमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम को भी 31 मार्च 2021 तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा पाए। इस योजना के अंतर्गत कॉलेटरल फ्री लोन प्रदान किया जा रहा था। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के अंतर्गत व्यवसाय के लिए लोन लिया जा रहा है। इस योजना के पात्र एमएसएमई यूनिट, बिजनेस एंटरप्राइज, इंडिविजुअल लोन तथा मुद्रा लोन लेने वाले व्यक्ति हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 2.05 लाख करोड़ रूपए 61 लाख लोगों को प्रदान किए गए हैं। कामत कमेटी द्वारा 26 स्ट्रेस्ड सेक्टर को भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है।
आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीमउत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का आरंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे कि देश में निर्यात बड़े तथा आयात कम हो। इस योजना के अंतर्गत अगले 5 साल के लिए दो लाख करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम में 10 नए सेक्टर जोड़े गए हैं। जिससे कि इकोनामी आगे बढ़ेगी। इस योजना के अंतर्गत एडवांस केमिकल सेल बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक एंड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल ड्रग्स, टेलीकॉम एंड नेटवर्किंग प्रोडक्ट, टेक्सटाइल उत्पादन, फूड प्रोडक्ट, सोलर पीवी माड्यूल, व्हाइट गुड्स तथा स्पेशलिटी स्टील को शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी)प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18000 करोड रुपए का अतिरिक्त योगदान करने का निर्णय लिया गया है। यह 18000 करोड रुपए 2020-21 के 8000 करोड़ के बजट से अलग होंगे। इस योजना के अंतर्गत 1200000 घरों को स्थापित किया जाएगा तथा 1800000 घरों को पूरा किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से 78 लाख से ज्यादा नौकरी के अवसर उत्पन्न होंगे तथा 25 लाख मैट्रिक टन स्टील और 131 लाख मैट्रिक टन सीमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।
कंस्ट्रक्शन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सहायतासरकार द्वारा परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को 5 से 10% से घटाकर 3% कर दिया गया है। इससे कंस्ट्रक्शन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के पास काम करने के लिए कैपिटल अधिक होगा। अब टेंडर भरने के लिए ईएमडी की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह बिड सिक्योरिटी डिक्लेरेशन की जाएगी। यह सुविधा 31 दिसंबर 2021 तक प्रदान की जाएगी।
घर बनाने वाले तथा घर खरीदने वालों के लिए इनकम टैक्स रिलीफसेक्शन 43का के अंतर्गत डिफरेंशियल को 10% से बढ़ाकर 20% तक कर दिया गया है। यह बदलाव 30 जून 2021 तक के लिए पहली बार बेचे जाने वाले वाले घर जिनकी वैल्यू दो करोड़ रुपए तक है सिर्फ उनके लिए हैं।
एग्रीकल्चर सब्सिडी फर्टिलाइजरजैसे कि आप सभी लोग जानते हैं खेत में पानी के बाद सबसे ज्यादा जरूरत फर्टिलाइजर की पड़ती है। प्रतिवर्ष फर्टिलाइजर का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 65000 करोड रुपए फर्टिलाइजर सब्सिडी प्रदान करने के लिए दिए जाएंगे। जिससे कि देश के 140 मिलियन किसानों को फर्टिलाइजर की कमी ना पड़े।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाप्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 116 जिलों में चलाई जा रही है। जिसके अंतर्गत अब तक 37543 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। अब 10000 करोड रुपए पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत और खर्च किए जाएंगे। जिससे कि देश के प्रत्येक नागरिक तक रोजगार पहुंचे और गांव की इकॉनमी में भी वृद्धि होगी। इस योजना के माध्यम से प्रणाली में पारदर्शिता आएगी तथा बेरोजगारी की दर में भी गिरावट आएगी।
बूस्ट फॉर प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट्स811 एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट एलओसी के अंतर्गत फाइनेंस किए जा रहे हैं। अब 3000 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता एक्जिमबैंक को प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट के प्रमोशन के लिए वितरित की जाएगी। यह वित्तीय सहायता आइडिया स्कीम के अंतर्गत प्रदान की जाएगी। प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट में रेलवे, पावर, ट्रांसमिशन रोड, ट्रांसपोर्ट आदि जैसे प्रोजेक्ट शामिल है।
कैपिटल एंड इंडस्ट्रियल स्टीमुलसकैपिटल तथा इंडस्ट्रियल कर्च के लिए 10200 करोड रुपए का अतिरिक्त बजट सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। यह सहायता डोमेस्टिक डिफेंस इक्विपमेंट, इंडस्ट्रियल इंसेंटिव, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी आदि के लिए प्रदान की जाएगी। जिससे कि उत्पादन के क्षेत्र में हमारा देश आगे बढ़े।
कोविड-19 वैक्सीन के शोध तथा विकास के लिएकोविड सुरक्षा मिशन फॉर रिसर्च तथा डेवलपमेंट ऑफ इंडियन कविड वैक्सीन के लिए 900 करोड रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को प्रदान की जाएगी।
kaushal bhaarat kushal bhaarat Abhiyan स्टैटिसटिक्सहाउसिंग फॉर ऑल (शहरी) | 18000 करोड़ |
बूस्ट फॉर रूरल एंप्लॉयमेंट | 10 हजार करोड़ |
R&D ग्रांट फॉर COVID सुरक्षा-इंडियन वैक्सीन डेवलपमेंट | 900 करोड़ |
इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल इंसेंटिव एंड डोमेस्टिक डिफेंस इक्विपमेंट | 10200 करोड़ |
बूस्ट फॉर प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट | 3000 करोड़ |
बूस्ट फॉर आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग | 1,45,980 करोड |
सपोर्ट फॉर एग्रीकल्चर | 65 हजार करोड़ |
बूस्ट फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर | 6000 करोड़ |
कौशल भारत कुशल भारत योजना | 6000 करोड़ |
टोटल | 2,65,080 करोड |
Total activities | 191 |
Number of participants | 13,00,723 |
Ministries/Organizations | 198 |
- फेस्टिवल एडवांस: फेस्टिवल एडवांस स्कीम के अंतर्गत एसबीआई उत्सव कार्ड सभी लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं।
- एलटीसी कैश वाउचर स्कीम: एलटीसी कैश वाउचर स्कीम कौशल भारत कुशल भारत योजना 2.0 में लांच की गई थी। इस योजना की वजह से अर्थव्यवस्था में सुधार आया है।
- मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट तथा मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को 25000 करोड रुपए एडिशनल कैपिटल एक्सपेंडिचर के तौर पर प्रदान किए गए हैं।
- देश के 11 राज्यों को कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 3621 करोड़ रुपए का लोन प्रदान किया गया है।
- वन नेशन वन राशन कार्ड: इस योजना के अंतर्गत पूरे भारत में एक ही राशन कार्ड से राशन की किसी भी दुकान से राशन खरीदा जा सकता है। वन नेशन वन राशन कार्ड 1 सितंबर 2020 से लॉन्च किया गया था। अब तक 28 राज्य तथा यूनियन टेरिटरीज में वन नेशन वन राशन कार्ड को लागू कर दिया गया है।
- पीएम सवनिधि योजना: पीएम सवनिधि योजना के अंतर्गत 13.78 लाख लोंस स्ट्रीट वेंडर को वितरित किए गए हैं। जो कि 1373.33 करोड़ रुपए के हैं। यह लोग 30 राज्यों में तथा 6 यूनियन टेरिटरीज में वितरित किए गए हैं।
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना: किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत अब तक 157.44 लाख किसानों को 1,43,262 करोड़ रुपए का लोन प्रदान किया गया है।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अब तक 1681.32 करोड रुपए का लोन वितरित किया गया है।
- नाबार्ड के माध्यम से इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंडिंग किसानों के लिए: इस योजना के अंतर्गत 25000 करोड रुपए अब तक किसानों के खाते में वितरित किए जा चुके हैं।
- इसीएलजीएस1.0: इस योजना के अंतर्गत अब तक 2.05 लाख करोड़ रुपए 61 लाख लोगों को सैंक्शन किए जा चुके हैं। जिसमें से 1.52 लाख करोड़ पर अब तक वितरित किए जा चुके हैं।
- पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम 2.0: इस योजना के अंतर्गत अब तक पब्लिक सेक्टर बैंक ने पोर्टफोलियो की खरीद के लिए 26,899 करोड रुपए अप्रूव कर दिए हैं।
- स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम फॉर एनबीएफसी/एचएफसी: इस योजना के अंतर्गत अब तक 7227 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
- लिक्विडिटी इंजेक्शन फॉर डिस्कम्स: इस योजना के अंतर्गत अब तक 118273 करोड रुपए का लोन सैंक्शन किया जा चुका है। जिसमें से 31136 करोड़ रुपए का लोन वितरित किया जा चुका है।
- सर्वप्रथम आपको कौशल भारत कुशल भारत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा
- अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
- होम पेज पर आपको रजिस्टर के लिंक पर क्लिक करना होगा।
- अब आपके सामने एक नया फेस खुलकर आएगा जिसमें आपको पूछी गई जानकारी जैसे कि आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा।
- इसके बाद आपको क्रिएट न्यू अकाउंट के लिंक पर क्लिक करना होगा।
- इस प्रकार आप कौशल भारत कुशल भारत योजना के पोर्टल पर खुद को पंजीकृत कर पाएंगे।
- सबसे पहले आपको कौशल भारत कुशल भारत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
- अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
- होम पेज पर आपको लॉगिन के लिंक पर क्लिक करना होगा।
- इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा जिसमें आपको अपनी ईमेल आईडी तथा पासवर्ड दर्ज करना होगा।
- अब आपको लॉगिन के बटन पर क्लिक करना होगा।
- इस प्रकार आप लॉगिन कर पाएंगे।